Solubility solution in Hindi

Solubility – निश्चित ताप पर विलयन के इकाई आयतन में उपस्थित विलेय पदार्थ की अधिकतम मात्रा उस पदार्थ की विलेयता कहलाती है।

Saturated Solution – “ऐसा विलयन जिसमे दिए गए ताप व दाब पर और अधिक विलेय नही घोला जा सके, संतृप्त विलयन कहलाता है।”

Unsaturated solution – वह विलयन जिसमें उसी ताप पर और अधिक विलेय घोला जा सकता है, असंतृप्त विलयन कहलाता है।

Solubility solution in Hindi

Solubility of Solids in Liquids.

1. Nature of the Solute and Solvent – ध्रुवीय विलेय ध्रुवीय विलायको मे घुलते है जबकि अध्रुवीय विलेय, अध्रुवीय विलायकों में घुलते है अर्थात् समान- समान को घोलता है।

Example – Nacl व शर्करा जल में आसान से घुल जाते है लेकिन नेफ्थेलिन व एन्थ्रासीन नही घुलते.

2. Temperature – किसी ठोस की द्रव में विलेयता पर ताप का प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि विलायकन की क्रिया ऊष्माशोषी है या ऊष्माक्षेपी है.

In an Endothermic Process – ऊष्माशोषी क्रिया में ताप बढ़ाने में ठोस की द्रव में विलेयता बढ़ती है।

In an Exothermic Process – ऊष्माक्षेपी क्रिया में ताप बढ़ाने पर ठोस की द्रव में विलेयता घटती है।

Example – Nacl या ग्लूकोज को जल मे घोलने पर ऊष्माशोषी क्रिया होती है, अतः ताप बढ़ाने पर जल में विलेयता बढ़ती है।

जबकि NaOH को जल में घोलने पर ऊष्माक्षेपी क्रिया होती है। अतः ताप बढ़ाने पर NaOH की विलेयता घटती है ।

3. Effect of Pressure – ठोस की द्रव में विलेयता पर दाब का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, क्योंकि ठोस तथा द्रव असंपीड्य होते है। अतः दाब बढ़ाने या घटाने पर उसके आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता।

* गैसों की द्रव में विलेयता को प्रभावित करने वाले कारक.

1. Nature of the Gas – वे गैसे जो द्रव (विलायक) में आयनित हो जाती है व जो विलायक से रासायनिक क्रिया करती है, उनकी विलेयता अधिक होती है।

Example – HCL, NH3, SO2, SO3, CO2 आदि की जल में विलेयता अधिक होती है ।

जबकि वे गैस जो विलायक में आयनित नहीं होती व न ही विलायक से रासायनिक क्रिया करती है,  उनकी विलेयता कम होती है।

Example – H2, N2 आदि ।

2. Effect of Temperature – ताप बढ़ाने पर गैसों की द्रव में विलेयता घटती है। ताप बढ़ाने पर गैसों के अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है, जिसके कारण गैसों के कण द्रव से बाहर निकलते है। गैसो की द्रव में विलेयता ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया होती है। लॉ- शतेलिए सिद्धांत के अनुसार ताप बढ़ाने पर गैसों की द्रव में विलेयता घटती है.

अपवाद – H2 तथा He की गैसों की विलेयता ताप बढ़ाने पर बढ़ती है।

3. Effect of Pressure – दाब बढ़ाने पर गैसों की द्रव में विलेयता बढ़ती है।

हेनरी ने गैसों की द्रव में विलेयता तथा दाब के मध्य एक मात्रात्मक संबंध दिया, जिसे हेनरी का नियम कहते है।

Henry’s Law.                 

इस नियम के अनुसार – “किसी गैस की द्रव में विलेयता उस गैस के आंशिक दाब के समानुपाती होती है।”

p x

[P = KH X]

जहाँ  KH = हेनरी स्थिरांक

            X = गैस के मोल अंश

यदि द्रव में गैस की विलेयता को मोल अंश में व्यक्त किया जाए तो हेनरी के नियम को उपरोक्त प्रकार से व्यक्त करते है।

भिन्न-भिन्न दाब पर हेनरी स्थिरांक का मान भिन्न भिन्न प्राप्त होता है इसका अर्थ है कि हेनरी स्थिरांक गैसों की प्रकृति पर निर्भर करता है। हेनरी स्थिरांक का मान बढ़ने पर गैसो की द्रव में विलेयता घटती है, अर्थात

Applications of Henry’s Law.

1. सोडा वॉटर तथा अन्य शीतल पेय पदार्थों में उच्च दाब पर CO2 गैस को प्रवाहित किया जाता है।

2. ऊँचे पहाड़ी स्थानों पर वायुमंडलीय दाब कम होता है अतः वहाँ रक्त में O2 की विलेयता कम होती है, इस कारण व्यक्ति के मस्तिष्क में O2 की पूर्ति कम होने लगती है। इस स्थिति में व्यक्ति को ब्रह्म होने लगता है। यह अवस्था एनॉक्सिया कहलाती है।

3. गोताखोर पानी में जाते समय सिलिंडर का उपयोग करता है। पानी मे गहराई अधिक होने पर वायु दाब बढ़ता है। जिसके कारण गैसों की विलेयता अधिक हो जाती है. परन्तु जब गोताखोर जल की सतह पर आता है तो वायु दाब कम होने से गैसो की विलेयता कम होती है, जिसके कारण खून में घुली हुई गैसों जैसे N2 बुलबुले के रूप मे बाहर आती है। यह N2 के बुलबुले धमनियों मे धीरे-धीरे अवरोध  उत्पन्न करते है, जिसे बेंड्स कहते है।

इस स्थिति से बचने के लिए O2 के सिलिंडर He गैस मिलाई जाती है। बेंड्स पड़ना जानलेवा स्थिति होती है ।

 Note- गोताखोर द्वारा श्वास लेने के लिए उपयोग करने वाले टैंको/सिलिडरों में He मिलाकर तनु की गई वायु को भरा जाता है। [ 11.7% He, 56.2% N2 , 32.1% O2 ]

Limitations of Henry’s Law – हेनरी नियम तब ही लागू होता है जब,

1. जब दाब अधिक न हो ।

2. ताप कम नही हो।

3. गैस, विलायक से क्रिया नहीं करे एवं उसका आयनन व संगुणन नहीं हो।

4. गैस की विलेयता कम हो।

Q. जलीय जंतु ठंडे जल मे गर्म जल की अपेक्षा अधिक आरामदायक रहते है? क्यों.

Ans. पानी का ताप बढाने पर हेनरी स्थिरांक (KH ) का मान कम O2 गैस के लिए बढ़ जाता है, जिसके कारण O2 गैस की जल में विलेयता कम होती है अथवा जलीय जंतु को श्वास लेने में परेशानी होती है।

Note – हेनरी के नियमानुसार गैस के मोल अंश तथा उसके आंशिक दाब के मध्य ग्राफ़ खींचा जाए तो एक सीधी रेखा प्राप्त होती है तथा इस ग्राफ का ढाल हेनरी स्थिरांक के बराबर होता है।

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