Abnormal Molar Mass and van’t Hoff Factor (i) in Hindi
Abnormal Molar Mass – यदि कोई विलेय पदार्थ विलयन मे वियोजित अथवा संगुणित होता है तो उस विलेय पदार्थ का मोलर द्रवमान अणु संख्यक गुणों के आधार पर आपेक्षिक मोलर द्रव्यमान से कम या अधिक प्राप्त होना चाहिए। इसे ही असामान्य मोलर द्रव्यमान कहते है।
van’t Hoff Factor (i) – किसी विलेय पदार्थ के विलयन में वियोजित अथवा संगुणित होने की सीमा का निर्धारण करने के लिए वॉण्ट हॉफ ने एक गुणांक दिया, जिसे वॉण्ट हॉफ गुणांक कहते है।

वॉण्ट हॉफ गुणांक को निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है
2CH₃COOH बेंजीन
(CH₃COOH)₂
Que. बेंजीन में एथेनॉइक अम्ल के लिए वॉण्ट हॉफ गुणांक का मान कितना होगा ?
Ans. एथेनाइक अम्ल के दो अणु के बेंजीन में H- बंध द्वारा बंधित होकर द्विलक बनाते है। अतः विलयन में एसीटिक अम्ल का संगुणन होता है तथा द्विलक बनने से इसके कणो की संख्या घट जाती है।
Que. एथेनॉइक अम्ल का बेंजीन में मोलर द्रव्यमान कितना होगा ?
Ans. (CH₃COOH)₂
[12 + 3(1) + 12 + 16 +16 +1]₂
(60)₂ = 60 X 2
120 gram
Que. शोफ (edama) किसे कहते है ?
Ans. रुधिर कोशिका मे स्थित द्रव का परासरण दाब 0.9% (W/V) NaCl के समान होता है एवं इसे अन्तः शिरा में इंजेक्ट करना सुरक्षित होता है। यदि हम रुधिर कोशिकाओं को 0.9% (W/V) से अधिक सांद्रता वाले NaCl विलयन में रख दे तो जल कोशिकाओं से बहार आ जाएगा और वे संकुचित हो जाएगी। विलयन लेकिन जब रुधिर कोशिकाओं को 0.9% (W/V) कम सांद्रता वाले NaCl विलयन में रखा जाए तो परासरण के कारण जल अंदर चला जाएगा। कोशिकाए फूल जाएगी। अतः जो लोग बहुत अधिक नमक खाते है तो उनके उत्तक कोशिकाओं के बीच खाली स्थानों मे जल जमा हो जाता है। इससे होने वाले सूजन को शोफ कहते है।
Que. एक प्रतिहीन पदार्थ (Antifreezing point)का उदाहरण दीजिए ?
Ans. एथिलीन ग्लाइकॉल प्रतिहीन का कार्य करता है।
Que. विहिमीकारक (de – icing agent) क्या है ?
Ans. वह पदार्थ जो जल में हिमांक को कम करता है। इसे बर्फ पर डालने से बर्फ पिघलने लगती है, विहिमीकारक कहलाता है।
Example. NaCl , CaCl₂
सड़को पर जमी हुई बर्फ को हटाने के लिए विहिमीकारक का उपयोग किया जाता है।
Que. गले में सूजन होने पर साधारणतः नमक के पानी के गरारे करने की सलाह दी जाती है, क्यों?
Ans. नमक का पानी अतिपरासरी (hypertonic) होता है। जिसके कारण यह गले में खिचाव उत्पन्न करने वाले कारक को बाहर निकाल देता है।
Que. अर्द्धपारगम्य झिल्ली की क्या विशेषता है और इस विशेषता का क्या कारण है ?
Ans. वह झिल्ली जो अपने में से होकर विलायक के अणुओ को तो जाने देती है, लेकिन विलेय के कणों गुजरने नहीं देती, अर्द्धपारगम्य झिल्ली (SPM) कहलाती है।
जान्तव झिल्ली (चर्म पत्र) एवं वनस्पति झिल्ली अर्द्धपारगम्य झिल्ली के समान कार्य करती है इसके अतिरिक्त कॉपर फेरोसाइनाइड [Fe(CN)₆] से बनी परत भीअर्द्धपारगम्य झिल्ली की तरह कार्य करती है।
कारण – विलायक के अणु कम सांद्र विलयन से अधिक सांद्र विलयन की ओर स्वतः प्रवाहित होती है।
Que. निम्नलिखित जलीय विलयनों को उनके वॉण्ट हॉफ गुणांक के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करो ?
यूरिया , MgCl₂ , Al₂(SO₄)₃ , KCl
Ans. यूरिया < KCl < MgCl₂ < Al₂(SO₄)₃
Que. 27°C ताप पर यूरिया के 0.01 m विलयन का परासरण दाब ज्ञात कीजिए।
( R = 0.082 लीटर वायुमंडल प्रति डीग्री प्रतिमोल )

Que. 0.05 mole एथेनॉइक अम्ल 250 gram बेंजीन में घुलित है विलयन की मोललता ज्ञात करो ?

Que. हिमांक अवनमन स्थिरांक (Kf) की इकाई ?
Ans. K. Kg mole-1
K. Kg/mole
Que. सोडियम अमलगम विलयन में उपस्थित विलेय तथा विलायक के नाम लिखिए ?
विलेय = पारा
विलायक = सोडियम
यह एक ठोस विलयन का उदाहरण है। जिसमें विलायक ठोस व विलेय द्रव है।
Que. 1 प्रोटीन 300ml जलीय विलयन में 1.25 gm प्रोटीन उपस्थित है , 300k पर इस विलयन परासरण दाब 2.5010-3 bar पाया गया प्रोटीन के मोलर द्रव्यमान की गणना करो ?
(R = 0.083 1 bar mol⁻¹ · K⁻¹)
प्रोटीन का द्रव्यमान (w) = 1.25 gm
प्रोटीन का मोलर द्रव्यमान M = ?
विलयन का आयतन V = 300 ml

