Electrostatics.
स्थिर विद्युतिकी – भौतिक विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत स्थिर आवेशों के गुणों तथा उनसे संबंधित घटनाओं का अध्ययन किया जाता है, उसे स्थिर विद्युतिकी कहते है ।
गतिक वैद्युतिकी – भौतिक विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत गतिशील आवेशों के गुणों तथा उससे संबंधित घटनाओं का अध्ययन किया जाता है, उसे गतिक वैद्युतिकी कहते है।

Charge –
600 ईसा पूर्व थैल्स ने बॉल्टिक सागर के निकट ऐम्बर नामक पीला पदार्थ प्राप्त किया। इस पदार्थ को ऊन पर रगड़ने से पदार्थ में छोटे-छोटे तिनकों को अपनी ओर आकर्षित किया।
1600 ईस्वी में गिल्बर्ट ने ऐम्बर ही नहीं अपितु काँच, एबोनाइट, सल्फर आदि पदार्थों को अन्य पदार्थों पर रगड़ा जाए तो इनमें भी छोटे- छोटे टुकड़ों को आकर्षित करने का गुण आ जाता है।
Explanation of friction .
काँच की छड़ को रेशम पर रगड़ा जाए तो काँच की छड़ से कुछ e– निकलकर रेशम की छड़ पर आ जाते है जिससे काँच की छड़ पर e– की कमी तथा रेशम की छड़ पर e– की वृद्धि हो जाती है।
एबोनाइड की छड़ को बिल्ली की खाल पर रगड़ा जाए तो e– बिल्ली की खाल से एबोनाइड की छड़ पर आ जाते है जिससे एबोनाइड छड़ पर e– की अधिकता तथा बिल्ली की खाल e– की कमी हो जाती है।
निष्कर्ष – समान प्रकृति के आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते है।
-विपरीत प्रकृति के आवेश एक- दूसरे को आकर्षित करते है।
Note. जब दो पदार्थों को परस्पर रगड़ा जाता है तो e– एक पदार्थ से निकलकर दूसरे पर पहुँच जाता है।
मूल कण द्रव्यमान आवेश
e⁻ 9.1 × 10⁻³¹ kg – 1.6 × 10⁻¹⁹ C
p⁺ 1.66 × 10⁻²⁷ kg + 1.6 × 10⁻¹⁹ C
n⁰ 1.67 × 10⁻²⁷ kg 0
Conductors – वे पदार्थ जिनमें आवेशों का प्रवाह आसानी से होता है चालक पदार्थ कहलाते है।
उदाहरण – चाँदी सबसे अच्छा चालक पदार्थ है। चालक में मुक्त e– की संख्या अत्यधिक होती है । चालक में उपस्थित मुक्त e– गति करने के लिए स्वतंत्र होते है।
Insulators– वे पदार्थ जिनमें आवेशों का प्रवाह आसानी से नहीं होता है, कुचालक पदार्थ कहलाते है।
उदाहरण – लकड़ी, प्लास्टिक, काँच
कुचालकों में e– गति करने के लिए स्वतंत्र नहीं होते। इनमे e– की संख्या नगण्य के बराबर होते है। कुचालक को आवेश देने पर उसी भाग में बना रहता जिस भाग में उसे आवेश देते है।
Fundamental properties/laws of charges .
1. योज्यता का नियम – निकाय का कुल आवेश उसमें उपस्थित सभी आवेशों का बिजीय योग होता है।

Que. – किसी निकाय में उपस्थित आवेश 4q, -2q, 3q, -4q, 6q हो तो निकाय का कुल आवेश ज्ञात कीजिए व उसकी प्रकृति भी बताइए ?

4q – 2q 3q – 4q
6q
13q – 6q
+7q प्रकृति = धनात्मक
2. आवेश संरक्षण का नियम – आवेशों को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, अर्थात् किसी भी निकाय के भीतर कुल आवेश का मान नियत रहता है।
3. आवेश का क्वांटीकरण नियम – वस्तु पर आवेश e- पर आवेश का पूर्णगुणज होता है।

q = वस्तु पर आवेश
n = आवेश संख्या / परमाणु क्रमांक
Que. 8016 नाभिक पर आवेश ज्ञात करो ?

q = 8 × 1.6 × 10⁻¹⁹
q = 12.8 × 10⁻¹⁹ C
Que. 1C आवेश मे e– की संख्या ज्ञात करो ?

Charge .
- आवेश एक आदिश राशि है।
- आवेश का स्थानांतरण होता है।
- आवेश संरक्षणीय होता है।
- आवेश अचर होता है।
- आवेश का सीधा सम्बन्ध द्रव्यमान से होता है।
- आवेश का मात्रक कूलॉम होता है।
- विद्युत धारा की परिभाषा से ,

= एम्पियर x सैकंड
q = कूलॉम
- आवेश का छोटा मात्रक फ्रेंकलिन है।
- आवेश का सबसे बड़ा मात्रक फैराडे है।
1f = 96500 C
1C = 3 × 10⁻⁹ fr
