सेल विभव या सेल विद्युत वाहक बल (emf).
विद्युत रासायनिक सेल में कैथोड़ तथा एक एनोड़ के मध्य विभवांतर को सेल विभव कहते है।
अथवा
दोनों इलेक्ट्रोड़ों के मध्य विभवांतर सेल विभव या सेल विद्युत वाहक बल (emf) कहलाता है।
Eसेल = Eकैथोड़ – Eएनोड़
ECell = ER – EL

मानक सेल विभव
Eसेल = E
कैथोड़ – E
एनोड़
Note. डेनियल सेल का emf-
Eसेल = E
Cu²⁺/Cu – E
Zn²⁺/Zn
Que. निम्न सेल के लिए सेल विभव की गणना 298K ताप के लिए कीजिए।
Zn(s) | Zn²⁺(aq) || Cu²⁺(aq) | Cu(s)
E°(Zn²⁺/Zn) = – 0.76 Volts (एनोड़)
E°(Cu²⁺/Cu) = +0.34 (कैथोड़)
Eसेल = Eकैथोड़ Eएनोड़
= 0.34 – (-0.76)
= 0.34 + 0.76
Eसेल = 1.10 volt
Standard Hydrogen Potential.
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड की सहायता से किसी धातु इलेक्ट्रॉड का इलेक्ट्रॉड विभव ज्ञात किया जाता है।
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड (SHE) से संबंधित मुख्य बिंदु-
- यह गैस आयन इलेक्ट्रॉड़ है।
- यह एक संदर्भ इलेक्ट्रॉड़ है
- इस इलेक्ट्रॉड़ का उपयोग एनोड व कैथोड़ दोनों के रूप में किया जाता है।
- मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड़ का ऑक्सीकरण व अपचयन विभव 0.0 Volt /वोल्ट होता है।
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड वर्णन
SHE (मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड) मे एक पात्र मे 1M सांद्रता का विलयन लिया जाता है। इस पात्र में एक काँच की नली (जैकेट) को लिया जाता है तथा है इस जैकेट में प्लेटिनम के तार को इलेक्ट्रॉड के रूप मे लेते है। तार के नीचले सिरे पर Pt की ब्लेड की पत्नी जुड़ी होती है। काँच की नली में 1atm दाब पर H2 गैस को प्रवाहित किया जाता है। H2 गैस की कुछ मात्रा Pt ब्लेड की सतह पर अधिशोषित हो जाती है तथा बची हुई H2 गैस विलयन में बुलबुले के रूप मे बाहर निकलती है।
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रॉड़ का सेल निरूपण
एनोड़ के रूप में (ऑक्सीकरण)-
Pt | H2 (g. 1atm) | H+(aq. 1M)
ऑक्सीकरण अर्द्ध- अभिक्रिया
H2 → 2H+ + 2e–
कैथोड़ के रूप में (अपचयन)-
H+(aq. 1M) | H2 (g. 1atm) | Pt
अपचयन अर्द्ध – अभिक्रिया
2H+ + 2e– → H2
Note. SHE का विभव शून्य माना जाता है। इसलिए सेल का मानक विभव (Ecell) दूसरे अर्द्ध सेल के मानक अपचयन विभव का मान देता है।

