History of Java In Hindi

History of Java In Hindi

जावा लैंग्वेज एक पॉपुलर, जनरल-पर्पस कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जिसका यूज़ सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, वेब डेवलपमेंट, बिग डाटा एनालिसिस, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, ग्राफिकल और करैक्टर यूजर इंटरफ़ेस एप्लीकेशन डिज़ाइन एंड डेवलपमेंट, गेम डिज़ाइन और डेवलपमेंट, आदि प्रोग्रामिंग टास्क में किया जाता है।

History of Java In Hindi

Let’s learn more about the history of Java programming.

Early Java Language Era (1991-1995)

  • Java in 1991 – जेम्स गोसलिंग और ग्रीन प्रोजेक्ट में जावा लैंग्वेज को वर्ष 1991 में सन माइक्रोसिस्टम्स के द्वारा एक प्रोजेक्ट के माध्यम से स्टार्ट किया गया था, जिसे द ग्रीन प्रोजेक्ट के रूप में जाना गया था। सन माइक्रोसिस्टम्स में इस टीम को जेम्स गोसलिंग गाइड कर रहे थे, इनका उद्देश्य शुरुआती दिनों में एक ऐसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज डेवलपमेंट था, जो की एक इंटरैक्टिव टेलीविज़न के लिए एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हो, लेकिन बाद में सन माइक्रोसिस्टम्स ने इस प्रोजेक्ट को एक प्लेटफॉर्म-इंडिपेंडेंट लैंग्वेज के रूप में डेवलप करने में कम्पलीट फोकस किया गया।
  • Java in 1992-1994 – शुरुआती दिनों में इसे ओक लैंग्वेज के रूप में जाना गया था, ओक लैंग्वेज को टेलीविजन के लिए एक सिंपल, सिक्योर, और पोर्टेबल लैंग्वेज के रूप डिज़ाइन किया गया था। ओक लैंग्वेज का टारगेट प्लेटफॉर्म-इंडिपेंडेंट एप्लीकेशन डेवलपमेंट होना था, इसका मतलब है कि ओक लैंग्वेज किसी भी डिवाइस पर रन या एक्सेक्यूट हो सकती थी, चाहे उस डिवाइस का हार्डवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ भी हो।
  • Java in 1995 – वर्ष 1995 में ओक लैंग्वेज का नाम रीनेम कर जावा लैंग्वेज कर दिया गया था, वर्ष 1995 मई में ऑफिसियल जावा 1.0 के रिलीज़ के साथ एक मेनस्ट्रीम प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के रूप में जावा लैंग्वेज का कमर्शियल रिलीज़ या जन्म हुआ।

The Rise of the Java Language (1995-2000).

  • Java 1.0 and Applets (1995) – जावा लैंग्वेज के फर्स्ट वर्जन जावा 1.0 वर्जन में जावा रनटाइम एनवायरनमेंट (JRE) और जावा डेवलपमेंट किट (JDK) सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट एनवायरनमेंट भी मौजूद थे। जावा लैंग्वेज इमीडियेट पॉपुलर हो गई, स्पेशली राइजिंग वर्ल्ड वाइड वेब डेवलपमेंट के यूज़ केस में। जिसमे जावा क्रिएटेड एप्लेट्स, छोटे प्रोग्राम होते थे, जो क्लाइंट वेब ब्राउज़र में रन होते हैं, जो की जावा लैंग्वेज के द्वारा रन होने से पहले यूनिवर्सल आर्डर में यूज़ होने वाले एप्लिकेशन में से एक थे।
  • 1996 – “एक बार जावा प्रोग्राम लिखो, फिर कहीं भी किसी भी हार्डवेयर प्लेटफार्म पर चलाओ” का सिद्धांत में जावा लैंग्वेज में लिखे गए प्रोग्राम सॉफ्टवेयर किसी भी प्लेटफार्म हार्डवेयर पर कही भी रन हो सकते थे। जावा लैंग्वेज की प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंस फीचर्स जावा वर्चुअल मशीन (JVM) के यूज़ से इम्प्लीमेंट की गई थी. जावा वर्चुअल मशीन ने जावा डेवलपर को जावा प्रोग्राम सोर्स कोड को बाइटकोड में कंपाइल करने की परमिशन प्रोवाइड की, जो की JVM जावा वर्चुअल मशीन इंस्टॉल किए गए किसी भी हार्डवेयर मशीन पर रन हो सकती थी।
  • 1997 – वर्ष 1997 में JDK 1.1 वर्जन और पहला बड़ा जावा अपडेट, जावा लैंग्वेज को JavaBeans कंपोनेंट आर्किटेक्चर और RMI (रिमोट मेथड इनवोकेशन) जैसे ज़रूरी फीचर्स के साथ अपडेट कर एडवांस किया गया था। जिसने इसे नेटवर्क्ड एप्लिकेशन के लिए एक रिलाएबल टूल के रूप में और अधिक इम्प्रूव किया गया।

Evolution of the Java Language (2000-2010).

  • 2000 – Java 2 (J2SE, J2EE, and J2ME) – वर्ष 2000 में, जावा लैंग्वेज का नाम रीनेम कर Java 2 (J2) कर दिया गया था और इसे तीन अलग अलग एडिशन या वर्जन में डिवाइड किया गया था. जिसमे मुख्य रूप से.
  • J2SE (Java 2 Standard Edition) – इसे डेस्कटॉप एप्लिकेशन के लिए डेवेलप जावा डेवलपमेंट किट एनवायरनमेंट के रूप में लॉन्च किया गया था।
  • J2EE (Java 2 Enterprise Edition) – J2EE को वेब डेवलपमेंट सर्विसेज, डेटाबेस और मल्टी-टियर एप्लिकेशन के सपोर्ट के रूप में एक लार्ज वॉल्यूम एंटरप्राइज़ एप्लिकेशन डेवलपमेंट पर फोकस करने में किया गया।
  • J2ME (Java 2 Micro Edition) – J2ME वर्जन में एम्बेडेड सिस्टम और मोबाइल डिवाइस एप्लीकेशन कंस्ट्रक्शन डिज़ाइन और डेवलपमेंट में किया गया था।
  • Year 2004 Introduction of Java 5 (J2SE 5.0) – जावा 5 लैंग्वेज वर्जन के रिलीज़ के साथ जावा प्रोग्रामिंग में एक मेजर इम्प्रोवेंमेंट हुआ, जिसमें कई नए एडवांस फीचर्स पेश किए गए. जैसे, जेनरिक्स, मेटाडेटा एनोटेशन, एन्हांस्ड फॉर लूप, एनम्स, इन बड़े मॉडिफिकेशन में जावा लैंग्वेज की फ्लेक्सिबिलिटी और यूज़ेबिलिटी में काफी अधिक इम्प्रोवेंमेंट किया गया, जिससे की जटिल प्रोग्रामिंग एप्लिकेशन डिज़ाइन और डेवलपमेंट आसान हो गया था।
  • Java Open-Sourcing in 2006 – वर्ष 2006 में सन माइक्रोसिस्टम्स कम्पनी ने ऑफिसियल डेक्लरैशन कि वे जावा लैंग्वेज को फुल्ली ओपन-सोर्स बनाएंगे। जिससे की ओपजेडीके प्रोजेक्ट (ओपन सोर्स जावा डेवलपमेंट किट) डेवलप हुई। ओपजेडीके जावा डेवलपमेंट किट ने जावा लैंग्वेज को प्लेटफॉर्म इंडिपेंडेंट, स्टैंडर्ड एडिशन को पूरी तरह से ओपन-सोर्स एनवायरनमेंट के रूप में डेवलप कर दिया गया।

Oracle’s acquisition and continued development of Java (2010-present).

  • Year 2009 – वर्ष 1991 में ओरेकल कंपनी ने सन माइक्रोसिस्टम्स का आधिकारिक अधिग्रहण किया, इसका मतलब था कि ओरेकल कर्पोरशन ने जावा लैंग्वेज के डेवलपमेंट और मैनेजमेंट की सभी ज़िम्मेदारी ले ली। इस मेजर अपडेट से जावा डेवलपर कम्युनिटी में कुछ इश्यूज डेवलप हुए, लेकिन इससे ओरेकल कारपोरेशन में जावा लैंग्वेज इनोवेशन के कई नए अवसर भी पैदा हुए।
  • 2014 – Java 8 – जावा लैंग्वेज के हिस्ट्री में कुछ सबसे बड़े इम्पोर्टेन्ट अपडेट्स इम्प्लीमेंट्स हुए, इनमे से कुछ एक जावा 8 में नए फीचर्स के रूप में पेश किए गए.
  • Lambda Expressions – जावा 8 लैंग्वेज में लैम्ब्डा एक्सप्रेशन में फंक्शनल प्रोग्रामिंग फीचर्स को इनेबल किया गया।
  • Streams API – जावा 8 लैंग्वेज में नए एलिमेंट्स के सीक्वेंस (जैसे, कलेक्शंस) को फंक्शनल स्टाइल में प्रोसेस किया गया।
  • Date and Time API – डेट एंड टाइम एपीआई में एक नई और ज़्यादा यूनिवर्सल डेट और टाइम लाइब्रेरी को ऐड किया गया।
  • 2017 – Release of a new versioning model – ओरेकल कारपोरेशन ने जावा के लिए एक नया टाइम-ड्रिवन रिलीज़ मॉडल लॉन्च किया गया, जिसमें हर छह महीने में जावा लैंग्वेज में एक नया फीचर को लॉन्च करने का प्रॉमिस किया गया। इसका इरादा वर्त्तमान जावा लैंग्वेज डेवलपमेंट प्रोसेस को फ़ास्ट और एफ्फिसिएंट बनाना था, जिससे की यह फिक्स हो सके कि जावा लैंग्वेज मॉडर्न सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के लिए प्रतिस्पर्धी और प्रासंगिक लैंग्वेज लगातार बनी रहे।
  • 2019 – Java 11 – जावा 11 वर्जन में नए मॉडल के अंतर्गत फर्स्ट लॉन्ग-टर्म सपोर्ट (LTS) रिलीज़ वर्जन बना। जावा 11 वर्जन में कई अपडेट लॉन्च किए गए. जिसमें नए प्रोग्राम डेवलपमेंट गार्बेज कलेक्शन फीचर्स और बेहतर एपीआई फीचर्स मौजूद थे। जिसमे LTS लॉन्ग टर्म सपोर्ट रिलीज़ में हर तीन साल में प्लान किए गए थे. जो बड़े लार्ज वॉल्यूम डिज़ाइन डेवलपमेंट में लॉन्ग-टर्म एंटरप्राइज़ एप्लीकेशंस के लिए स्टेबिलिटी प्रोवाइड करते थे।
  • Java 14-17 (2020-2021) – जावा लैंग्वेज में समय के अनुसार धीरे-धीरे कई इम्पोर्टेन्ट मॉडिफिकेशन होते रहे, जिसमें मुख्य रूप से ये शामिल थे.
  • Record Types (Java 14) – जावा 14 वर्जन में अपरिवर्तनीय डेटा को मॉडल करने का एक तरीका इम्प्लीमेंट किया गया।
  • Pattern Matching (Java 16) – जावा 16 वर्जन में टाइप पैटर्न के यूज़ को इजी किया गया।
  • Sealed Classes (Java 17) – जावा 17 प्रोग्राम में इनहेरिटेंस फीचर्स पर अधिक डिटेल्ड कण्ट्रोल की अपरमिशन प्रोवाइड की गई।

Java Language in 2026 and beyond.

वर्त्तमान समय में जावा लैंग्वेज सबसे पॉपुलर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में सॉफ्टवेयर डेवेलपर के लिए एक बनी हुई है. स्पेशली, जब डेवलपर को लार्ज लेवल पर एंटरप्राइज़ एप्लीकेशंस, मोबाइल एप्लीकेशंस (एंड्रॉइड के माध्यम से), और क्लाउड-बेस्ड सिस्टम डेवलपमेंट करना हो। जिसमे जावा लैंग्वेज की स्ट्रांग कम्युनिटी, स्ट्रांग डेवलपमेंट इकोसिस्टम, और रेगुलर न्यू डेवलपमेंट यह सुनिश्चित करते हैं कि जावा लैंग्वेज लगातार मॉडर्न एडवांस्ड डेवलपमेंट एनवायरनमेंट प्रोवाइड करती रहे और वर्त्तमान समय में मॉडर्न इंडस्ट्री प्रोग्रामिंग के अनुकूल होती रहे।

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